Unbreakable ODI Cricket Records: कहा जाता है कि रिकॉर्ड टूटने के लिए ही बनते हैं, लेकिन इन चारों महारिकॉर्ड्स को देखकर यह कहावत फीकी पड़ती नजर आती है. सचिन तेंदुलकर की निरंतरता, विराट कोहली का जुनून, रोहित शर्मा की विध्वंसक पारी और मुथैया मुरलीधरन की स्पिन कला ने ऐसी लकीर खींच दी है, जिसे पार करना तो दूर, वहां तक पहुंचना भी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक चुनौती होगी. ये केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि क्रिकेट के उन युगों की गवाही हैं जिन्हें इन दिग्गजों ने अपने नाम किया था.
वनडे क्रिकेट के 4 बड़े रिकॉर्ड का टूटना असंभव.
सचिन तेंदुलकर: वनडे क्रिकेट के 18,426 रन
‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने 24 साल के लंबे करियर में वनडे क्रिकेट को एक नई परिभाषा दी. उन्होंने 463 मैचों में 18,426 रन बनाए. आज के दौर में खिलाड़ी टी20 लीग्स पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, जिससे वनडे मैचों की संख्या कम हो रही है. किसी भी खिलाड़ी के लिए 450 से ज्यादा मैच खेलना और लगातार दो दशकों तक फॉर्म बरकरार रखना लगभग नामुमकिन है. सचिन के बाद दूसरे नंबर पर श्रीलंका के कुमार संगकारा (14,234) हैं, जो उनसे 4000 रन पीछे रहकर रिटायर हुए.
वनडे क्रिकेट के 4 बड़े रिकॉर्ड का टूटना असंभव.
विराट कोहली: वनडे में शतकों का ‘अर्धशतक’
विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर के 49 शतकों के रिकॉर्ड को तोड़कर खुद को ‘चेज़ मास्टर’ साबित किया. वर्तमान में उनके नाम वनडे में 50 से अधिक शतक (54 शतक और गिनती जारी) हैं. एक शतक बनाने के लिए शारीरिक और मानसिक फिटनेस की जो पराकाष्ठा चाहिए, विराट ने उसे हर दूसरे-तीसरे मैच में दोहराया है. मौजूदा एक्टिव खिलाड़ियों में रोहित शर्मा (31 शतक) उनके सबसे करीब हैं, लेकिन वे भी विराट से बहुत पीछे हैं. नई पीढ़ी के बल्लेबाजों के लिए 50 शतकों का आंकड़ा छूना हिमालय पर चढ़ाई जैसा है.
रोहित शर्मा: वनडे में तीन दोहरे शतक (3 Double Centuries)
वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाना किसी भी बल्लेबाज के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है. जहां कई दिग्गज एक बार भी यह कारनामा नहीं कर पाए, वहीं ‘हिटमैन’ रोहित शर्मा ने तीन बार 200 का आंकड़ा पार किया है. रोहित के नाम वनडे का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर (264 रन) भी दर्ज है. दोहरा शतक लगाने के लिए न केवल आक्रामक बल्लेबाजी बल्कि अंत तक टिकने के स्टैमिना की जरूरत होती है. दुनिया का कोई भी बल्लेबाज आज रोहित के इस ‘ट्रिपल डबल’ रिकॉर्ड के आस-पास भी नहीं फटकता.
मुथैया मुरलीधरन: वनडे में 534 विकेट
श्रीलंका के जादूई स्पिनर मुथैया मुरलीधरन की फिरकी का तोड़ आज तक कोई नहीं ढूंढ पाया. उन्होंने वनडे में 534 विकेट चटकाए हैं.मॉडर्न डे क्रिकेट में नियम बल्लेबाजों के पक्ष में हैं और बाउंड्री छोटी हो गई हैं. ऐसे में एक गेंदबाज के लिए 500 विकेट लेना अकल्पनीय है. मुरलीधरन के बाद वसीम अकरम (502) एकमात्र गेंदबाज हैं जिन्होंने 500 का आंकड़ा छुआ था. वर्तमान स्पिनरों में कोई भी खिलाड़ी इस रिकॉर्ड के आधे रास्ते तक भी नहीं पहुंचा है.
About the Author

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
Discover more from CRICKET NEWS
Subscribe to get the latest posts sent to your email.