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5 क्रिकेट की दुनिया में दाएं हाथ के बल्लेबाजों का दबदबा हमेशा रहा है, लेकिन जब बात ‘नजाकत’, ‘शक्ति’ और ‘राज’ करने की आती है, तो बाएं हाथ के बल्लेबाजों (Left-handers) का कोई सानी नहीं है. इन बल्लेबाजों ने न केवल रन बनाए, बल्कि कई वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए. आइए जानते हैं उन 5 महान बाएं हाथ के बल्लेबाजों के बारे में, जिन्होंने वर्ल्ड क्रिकेट के मानचित्र पर अपनी छाप छोड़ी.
टेस्ट क्रिकेट के 5 दिग्गज बाएं हाथ के बल्लेबाज जिन्होंने अपनी बल्लेबाजी से रचा इतिहास.
वेस्टइंडीज के सर गारफील्ड सोबर्स को क्रिकेट इतिहास का सबसे महान ऑलराउंडर माना जाता है. उनकी बल्लेबाजी में वह कैरेबियाई बेखौफ अंदाज था जिसने 50 और 60 के दशक में गेंदबाजों के मन में खौफ पैदा किया. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में पहली बार एक ओवर में 6 छक्के जड़ने का कारनामा किया और 365 रनों की नाबाद पारी खेलकर लंबे समय तक विश्व रिकॉर्ड अपने नाम रखा. उनकी तकनीक और ग्रेस ने उन्हें एक ऐसा राजा बनाया जिसकी मिसाल आज भी दी जाती है.
ब्रायन लारा: ‘द प्रिंस ऑफ पोर्ट ऑफ स्पेन’
अगर बल्लेबाजी एक कला है, तो ब्रायन लारा उसके पिकासो थे. ऊंचे बैकलिफ्ट और जादुई कलाई के काम (Wrist work) के साथ लारा जब क्रीज पर होते थे, तो समय जैसे रुक जाता था. टेस्ट क्रिकेट में 400 रनों की नाबाद पारी और फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 501 रन बनाने का उनका रिकॉर्ड आज भी अटूट है. लारा ने अकेले दम पर ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसी दिग्गज टीमों के गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त किया. उनके खेलने का अंदाज शाही था, इसीलिए उन्हें ‘प्रिंस’ कहा गया.
कुमार संगकारा: ‘नजाकत और निरंतरता की मिसाल‘
श्रीलंका के दिग्गज बल्लेबाज कुमार संगकारा ने क्रिकेट को अपनी क्लास और अनुशासन से परिभाषित किया. संगकारा की कवर ड्राइव किसी कविता जैसी सुंदर लगती थी. टेस्ट क्रिकेट में 12,000 से अधिक रन और वनडे में 14,000 से ज्यादा रन बनाने वाले संगकारा ने लगातार चार वनडे विश्व कप शतक जड़कर इतिहास रचा था. वह केवल एक बल्लेबाज नहीं, बल्कि खेल के एक दार्शनिक थे जिन्होंने स्लिप में विकेटकीपिंग करते हुए भी खेल पर अपना नियंत्रण बनाए रखा.
सौरव गांगुली: ‘गॉड ऑफ द ऑफ-साइड‘
भारतीय क्रिकेट के ‘दादा’ यानी सौरव गांगुली ने बाएं हाथ की बल्लेबाजी को एक नई आक्रामकता दी. उनके बारे में मशहूर था कि ‘ऑफ-साइड पर पहले भगवान हैं और फिर सौरव गांगुली.’ स्पिनरों के खिलाफ क्रीज से बाहर निकलकर लंबे छक्के मारना उनकी पहचान थी. 1999 के विश्व कप में श्रीलंका के खिलाफ उनकी 183 रनों की पारी आज भी प्रशंसकों के जेहन में ताजा है. उन्होंने न केवल बल्लेबाजी से, बल्कि अपनी कप्तानी से भी विश्व क्रिकेट में भारत का झंडा बुलंद किया.
एडम गिलक्रिस्ट: ‘विनाशकारी शक्ति’
ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट ने क्रिकेट की परिभाषा ही बदल दी. उन्होंने दिखाया कि एक विकेटकीपर-बल्लेबाज भी दुनिया का सबसे खतरनाक ओपनर हो सकता है. 2007 वर्ल्ड कप के फाइनल में उनके बल्ले में रखी ‘स्क्वैश बॉल’ और उनकी तूफानी पारी ने श्रीलंका को मैच से बाहर कर दिया था. ‘गिली’ ने टेस्ट क्रिकेट में नंबर 7 पर आकर मैच का रुख पलटने की जो कला दिखाई, उसने आने वाली पीढ़ियों के लिए एक नया पैमाना सेट कर दिया.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
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