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Arjun Tendulkar vs Vaibhav Suryavanshi: ग्रेजुएट अर्जुन तेंदुलकर जहां 100 करोड़ के ‘दोराब विला’ और 22 करोड़ की नेटवर्थ के साथ विरासत की मजबूती पेश करते हैं, वहीं बिहार के 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी महज 9वीं के छात्र होने के बावजूद रिकॉर्ड्स की सुनामी और करोड़ों के IPL कॉन्ट्रैक्ट से दुनिया को चौंका रहे हैं. एक के पास डिग्री और स्थिरता है, तो दूसरे के पास संघर्ष और ऐतिहासिक शतक. जानिए, दौलत, पढ़ाई और जीवनशैली के मामले में कौन किस पर भारी है.
अर्जुन तेंदुलकर और वैभव सूर्यंवशी में किसकी नेटवर्थ है सबसे ज्यादा.
बिहार के ताजपुर से निकलकर राजस्थान रॉयल्स के करोड़ों के अनुबंध तक का वैभव का सफर किसी फिल्मी पटकथा जैसा है. 2011 में जन्मे इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने महज 12 साल की उम्र में अंडर-19 क्रिकेट खेलकर दुनिया को चौंका दिया था. वैभव के नाम अंडर-19 टेस्ट में भारत के लिए सबसे तेज शतक (58 गेंद) और अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 175 रनों की ऐतिहासिक पारी दर्ज है. 14 साल की उम्र में आईपीएल डेब्यू करने वाले वैभव आज 1.1 करोड़ रुपये की रिटेंशन वैल्यू और लगभग 2.5 करोड़ रुपये की नेटवर्थ के मालिक हैं.
अर्जुन तेंदुलकर और वैभव सूर्यंवशी में किसकी नेटवर्थ है सबसे ज्यादा.
अर्जुन तेंदुलकर विरासत का भार और अपनी पहचान
दूसरी ओर अर्जुन तेंदुलकर हैं, जिनके नाम के साथ ‘क्रिकेट के भगवान’ की विरासत जुड़ी है. अर्जुन ने अपनी पहचान एक सधे हुए बाएं हाथ के तेज गेंदबाज और उपयोगी बल्लेबाज के रूप में बनाई है. 2026 सीजन से पहले वे मुंबई इंडियंस से निकलकर संजीव गोयनका की टीम लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा बन चुके हैं. अर्जुन की अनुमानित नेटवर्थ 22 करोड़ रुपये है. वे मुंबई के बांद्रा स्थित ‘दोराब विला’ में रहते हैं, जिसकी कीमत करीब 100 करोड़ रुपये आंकी जाती है. विलासिता और ब्रांड वैल्यू के मामले में अर्जुन, वैभव से कोसों आगे हैं.
शिक्षा और जीवनशैली में बड़ा अंतर
शिक्षा के मोर्चे पर दोनों के बीच स्पष्ट अंतर है. अर्जुन तेंदुलकर ने मुंबई के धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल से पढ़ाई की और मुंबई विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) पूरा किया. वे एक परिपक्व एथलीट हैं जो खेल और शिक्षा का संतुलन बना चुके हैं. वहीं, वैभव सूर्यवंशी फिलहाल बिहार के डॉ. मुक्तेश्वर सिन्हा मॉडेस्टी स्कूल में 10वीं कक्षा के छात्र हैं. आईपील प्रैक्टिस में बिजी होने की वजह से वैभव ने इस साल बोर्ड का एग्जाम नहीं दिया. वैभव के परिवार के लिए फिलहाल ‘एग्जाम प्रेशर’ से ज्यादा जरूरी ‘मैदान का प्रेशर’ है. वैभव का घर आज भी ताजपुर में एक साधारण दो मंजिला मकान है, जिसकी छत पर बने नेट ही उनकी सफलता की नर्सरी है.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
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