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नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका से मैच हारने के बाद हर कोई “ईशान किशन को बलि का बकरा ” कह रहा है. लगातार तीन डक झेल चुके अभिषेक शर्मा को बचाने के लिए टीम मैनेजमेंट ने ये तय किया कि फॉर्म में चल रहे ईशान किशन ने पहली गेंद खेलेंगे. मकसद साफ था अभिषेक पर शुरुआती दबाव कम करना और उनको एक और शून्य से बचाना
किसके कहने पर ईशान किशन ने अहमदाबाद में खेला पहली गेंद
नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका से मैच हारने के बाद हर कोई “ईशान किशन को बलि का बकरा ” कह रहा है. लगातार तीन डक झेल चुके अभिषेक शर्मा को बचाने के लिए टीम मैनेजमेंट ने ये तय किया कि फॉर्म में चल रहे ईशान किशन ने पहली गेंद खेलेंगे. मकसद साफ था अभिषेक पर शुरुआती दबाव कम करना और उनको एक और शून्य से बचाना. ये प्लान कामयाब भी रहा पर टीम मैच हार गई क्योंकि इस बार फॉर्म में चल रहे ईशान शून्य पर आउट हो गए.
अभिषेक को बचाने के लिए ईशान की बलि
टूर्नामेंट के शुरुआती तीन मैचों में अभिषेक शर्मा खाता तक नहीं खोल पाए थे. पावरप्ले में आक्रामक शुरुआत देने वाले इस युवा ओपनर की लय पूरी तरह टूट चुकी थी. आमतौर पर वही स्ट्राइक लेते थे लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ करो या मरो जैसे सुपर 8 मुकाबले में तस्वीर बदल गई. ईशान किशन को टीम मैनेजमेंट के लोगों ने मजबूर किया कि वो पहली गेंद खेलने की जिम्मेदारी ले. टीम मैनेजमेंट और ड्रेसिंग रूम में यह तय हुआ कि लगातार तीन बार शून्य पर आउट होने के बाद अभिषेक को शुरुआती गेंद का मानसिक दबाव नहीं दिया जाए यह फैसला रणनीतिक भी था और भावनात्मक भी. लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया. ईशान किशन एडन मार्करम की चौथी गेंद पर शून्य पर आउट हो गए. स्टेडियम में सन्नाटा छा गया।सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई कि क्या यह फैसला सही था.
अभिषेक की फॉर्म अब भी चिंता
ईशान की बलि चढ़ाने का भी अभिषेक शर्मा को कोई फायदा नहीं हुआ. न्हें कुछ समय मिला उन्होंने 12 गेंदों पर 15 रन बनाए. यह इस वर्ल्ड कप में उनका पहला स्कोर था हालांकि पारी लंबी नहीं चली लेकिन लगातार तीन डक के बाद रन बनाना उनके आत्मविश्वास के लिए जरूरी था. टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अब तक अभिषेक ने कुल मिलाकर सिर्फ 15 रन बनाए हैं तीन बार शून्य एक बार 15 रन यह आंकड़े साफ बताते हैं कि फॉर्म टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी चिंता रही.
मैच दर मैच पहला ओवर और अभिषेक का प्रदर्शन
पहला मैच- भारत की ओर से पहला ओवर तेज गेंदबाज ने डाला.अभिषेक पहली ही गेंद पर आउट.
दूसरा मैच -फिर तेज गेंदबाज ने शुरुआत की अभिषेक शून्य पर आउटतीसरा मैच स्पिन से शुरुआत और ,परिणाम वही शून्य.चौथा मैचमें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सुपर 8 में पहली गेंद ईशान ने खेली फिर अभिषेक ने 15 रन बनाए साफ है रणनीति बदली लेकिन नतीजे पूरी तरह नहीं बदले.
क्या यह फैसला सिर्फ एक मैच की रणनीति था या ड्रेसिंग रूम में भरोसे की कमी का संकेत. ईशान किशन का कदम त्याग के रूप में देखा जा रहा है लेकिन टीम खेल में त्याग तभी सफल माना जाता है जब परिणाम साथ दे. अहमदाबाद की रात ने भारतीय टीम की रणनीति पर कई सवाल खड़े कर दिए.
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