इमरान ताहिर का जन्म 27 मार्च 1979 को लाहौर, पाकिस्तान में हुआ था. बचपन से ही उन्हें क्रिकेट से बहुत प्यार था और वह अपने दोस्तों के साथ मोहल्ले में क्रिकेट खेला करते थे. लेकिन परिवार की आर्थिक हालत ठीक न होने की वजह से उन्हें 16 साल की उम्र में काम करना पड़ा. उन्होंने पेस शॉपिंग मॉल में एक सेल्समैन के तौर पर काम किया. कम उम्र में काम करना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन मेहनत और लगन से उन्होंने सब कुछ सीख लिया. इसके बावजूद उनका सपना सिर्फ एक ही था, क्रिकेटर बनना. काम से फुर्सत मिलने पर वह जमकर प्रैक्टिस करते थे. आखिरकार, उनकी मेहनत रंग लाई और उनका चयन पाकिस्तान अंडर-19 टीम के ट्रायल में हो गया.
भारतीय मूल की लड़की पर आया दिल
इमरान को लगा था कि अब वह इंटरनेशनल क्रिकेट से कुछ ही कदम दूर हैं, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. कई कोशिशों के बावजूद उन्हें आगे मौका नहीं मिला. इसी दौरान पाकिस्तान अंडर-19 टीम के एक साउथ अफ्रीका दौरे के दौरान उनकी मुलाकात सुमैया दिलदार से हुई. इस मुलाकात ने ताहिर के जीवन की दिशा ही बदल दी. सुमैया दिलदार साउथ अफ्रीका की रहने वाली हैं और भारतीय मूल से हैं. वह सोशल मीडिया से दूर रहती हैं और अपनी निजी जिंदगी को प्राइवेट रखना पसंद करती हैं. शादी से पहले सुमैया एक प्रोफेशनल मॉडल थीं और शादी के बाद उन्होंने गृहिणी बनना चुना.

शादी के लिए छोड़ दिया पाकिस्तान
इमरान के लिए यह पहली नजर का प्यार था, लेकिन सुमैया ने शुरुआत में उन्हें सिर्फ एक दोस्त माना. पाकिस्तान लौटने के बाद इमरान को सुमैया की बहुत याद आने लगी और वह उनसे मिलने के लिए बार-बार साउथ अफ्रीका जाने लगे. इमरान की मेहनत और सच्चे प्यार को देखकर सुमैया भी उनसे प्यार करने लगीं. कुछ सालों तक डेट करने के बाद दोनों ने शादी करने का फैसला किया. लेकिन एक बड़ी परेशानी थी. दरअसल, सुमैया अपना देश छोड़ने को तैयार नहीं थीं और इमरान पाकिस्तान में अपना करियर बनाना चाहते थे. काफी सोच-विचार के बाद इमरान ने प्यार को चुना और पाकिस्तान छोड़कर साउथ अफ्रीका जाकर बसने का फैसला किया.
फिर ‘लेडी लक’ कर गया काम
साल 2006 में इमरान ताहिर साउथ अफ्रीका चले गए और 2007 में सुमैया दिलदार से शादी की. शादी के कुछ साल बाद इमरान और सुमैया के घर एक बेटे ने जन्म लिया, जिसका नाम उन्होंने गिब्रान रखा. इमरान अक्सर अपने बेटे के साथ प्यारी-प्यारी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करते रहते हैं. शादी के बाद इमरान के लिए साउथ अफ्रीका की टीम में जगह बनाना आसान नहीं था, लेकिन कड़ी मेहनत के बाद 2011 में उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका मिला. इसके बाद इमरान ताहिर ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और साउथ अफ्रीका के लिए कई शानदार करियर बनाया. आज भी कई क्रिकेट एक्सपर्ट पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की आलोचना करते हैं कि उन्होंने इमरान जैसे टैलेंटेड खिलाड़ी को मौका नहीं दिया. उनके एक सफल क्रिकेटर बनने में सुमैया दिलदार का बड़ा रोल रहा.

ऐसा रहा ताहिर का करियर
बात करें इमरान के क्रिकेटर करियर की तो उन्होंने साउथ अफ्रीका के लिए टेस्ट, वनडे और टी20, तीनों फॉर्मेट में खेले और कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए. साल 2016 में वह साउथ अफ्रीका के पहले ऐसे गेंदबाज बने, जिन्होंने एक वनडे मैच में 7 विकेट लिए. इसके अलावा, वह साउथ अफ्रीका के लिए आईसीसी वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट (39) लेने वाले इकलौते स्पिनर हैं. इमरान ताहिर ने 20 टेस्ट मैच में 57 विकेट, 107 वनडे में 173 विकेट और 38 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 63 विकेट चटकाए. इंटरनेशनल क्रिकेट के अलावा इमरान ताहिर दुनिया भर की टी20 लीग्स का भी हिस्सा रहे हैं, जहां उन्होंने कमाल का प्रदर्शन किया.
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