पीसीबी और आईसीसी के बीच भारत पाकिस्तान टी20 मैच विवाद सुलझाने की कोशिश जारी
टूर्नामेंट के पहले दिन अचानक बदले इस रुख से अगले हफ्ते कोलंबो में चिर-प्रतिद्वंद्वियों के बीच हाई-स्टेक्स मुकाबले की संभावना फिर से खुल गई है. चर्चा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह बदलाव तब आया जब ICC ने PCB को संभावित नुकसान के बारे में बताया, जो वे PCB से वसूल सकते हैं. साथ ही ICC ने PCB को समझाया कि फोर्स मेज्योर कब सही तरीके से लागू किया जा सकता है और पाकिस्तान बोर्ड से पूछा कि उन्होंने इसे कम करने के लिए क्या कदम उठाए हैं.
पिछले 24 घंटे में क्या हुआ
एक अधिकारी ने कहा, “अब ICC इस समस्या को सुलझाने के लिए अपने तरीके से आगे बढ़ेगा. बातचीत होगी, टकराव नहीं. ICC से औपचारिक पत्र मिलने के बाद PCB ने अंतरराष्ट्रीय संस्था से आगे बातचीत शुरू करने के लिए संपर्क किया. ICC फिलहाल बोर्ड के साथ संरचित तरीके से संभावित समाधान तलाशने में जुटा है.”
PCB द्वारा उठाया गया फोर्स मेज्योर क्लॉज उन अप्रत्याशित परिस्थितियों को दर्शाता है, जिनकी वजह से कोई अनुबंध पूरा नहीं किया जा सकता. ICC के साथ इस क्लॉज को लागू करते समय पाकिस्तान बोर्ड ने अपनी सरकार का 1 फरवरी का सोशल मीडिया पोस्ट भी जोड़ा था, जिसमें उन्हें टी20 वर्ल्ड कप में भाग लेने लेकिन अगले रविवार भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने का निर्देश दिया गया था. ICC ने कहा कि PCB द्वारा फोर्स मेज्योर का हवाला देना ‘बिना किसी सवाल, स्पष्टीकरण या तर्क के’ था.
पाकिस्तान सरकार के अभूतपूर्व हस्तक्षेप के बाद ICC ने PCB को संभावित परिणामों की याद दिलाते हुए बयान जारी किया था. हालांकि ICC ने कोई सजा नहीं की, लेकिन चर्चा थी कि पाकिस्तान बोर्ड को भारी जुर्माना झेलना पड़ सकता है क्योंकि उनके इस कदम से ब्रॉडकास्टर को बड़ा नुकसान होगा. PCB पर ICC द्विपक्षीय सीरीज पर अस्थायी प्रतिबंध भी लगा सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलगाव हो सकता है.
हाल ही में श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने भी PCB को पत्र लिखकर अपने रुख पर पुनर्विचार करने की अपील की थी क्योंकि द्वीप देश को भी आर्थिक रूप से बड़ा नुकसान हो सकता है. श्रीलंका क्रिकेट के सचिव बंदुला डिसानायके ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि SLC को नुकसान होगा और देश का पर्यटन उद्योग भी प्रभावित होगा अगर पाकिस्तान अपने रुख पर कायम रहता है. SLC ने पाकिस्तान को उनके राष्ट्रीय टीम की पिछली श्रीलंका यात्राओं की भी याद दिलाई, जब सुरक्षा कारणों से टीमें यात्रा करने से हिचक रही थीं. “टिकटों की मांग से साफ था कि हमें आर्थिक रूप से बड़ा फायदा होने वाला था, क्योंकि मैच देखने आने वाले लोग देश में कुछ दिन और बिताएंगे. इसलिए यह सभी के लिए बड़ा नुकसान है. यह एक गंभीर स्थिति है,” डिसानायके ने कहा.
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15 साल से ज्यादा वक्त से खेल पत्रकारिता से सक्रिय. Etv भारत, ZEE न्यूज की क्रिकेट वेबसाइट में काम किया. दैनिक जागरण वेबसाइट में स्पोर्ट्स हेड रहा. ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप कवर किया. अक्टूब…और पढ़ें
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