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उत्तराखंड को पहली पारी में 233 रन पर आउट करके कर्नाटक ने 503 रन की बढ़त हासिल की. इतनी बड़ी बढ़त के बावजूद कर्नाटक ने फॉलोऑन नहीं दिया और 26 फरवरी से शुरू होने वाले फाइनल से पहले अपने बल्लेबाजों को और अभ्यास का मौका देने के लिए दूसरी पारी का इस्तेमाल किया. 22 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी की दोनों पारियों शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने
स्मरण रविचंद्रन ने उत्तराखंड के खिलाफ दोनों पारियों में शतक ठोंकने का गौरव हासिल किया.
चौथे दिन के पहले सत्र में उत्तराखंड को पहली पारी में 233 रन पर आउट करके कर्नाटक ने 503 रन की बढ़त हासिल की. इतनी बड़ी बढ़त के बावजूद कर्नाटक ने फॉलोऑन नहीं दिया और 26 फरवरी से शुरू होने वाले फाइनल से पहले अपने बल्लेबाजों को और अभ्यास का मौका देने के लिए दूसरी पारी का इस्तेमाल किया. 22 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी की दोनों पारियों शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने.
स्मरण का दूसरा शतक
उत्तराखंड के गेंदबाजों ने कर्नाटक का स्कोर दूसरी पारी में जब चार विकेट पर 122 रन किया तब स्मरण और राहुल एक साथ आए. इस समय तक कर्नाटक की बढ़त 600 रन के पार हो चुकी थी. स्मरण ने 149 गेंद में 12 चौकों और तीन छक्कों से 127 रन बनाने के अलावा लोकेश राहुल नाबाद 70, 67 गेंद के साथ पांचवें विकेट के लिए 168 रन की साझेदारी करके टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया. बाइस साल के स्मरण का यह मैच में दूसरा शतक था और उन्होंने पहली पारी में 135 रन बनाकर कर्नाटक को 736 रन तक पहुंचाया था.
उत्तराखंड की बिखरी बल्लेबाजी
इससे पहले उत्तराखंड ने दिन की शुरुआत पांच विकेट पर 149 रन से की. कर्नाटक को पहले ओवर में ही दिन की पहली सफलता मिली जब तेज गेंदबाज विशाख विजयकुमार ने सौरभ रावत को 14 रन पर पवेलियन भेज दिया. विजयकुमार ने कल के नाबाद बल्लेबाज लक्ष्य रायचंदानी को भी आउट किया. उत्तराखंड का स्कोर नौ विकेट पर 175 रन होने के बाद आदित्य रावत ने 38 गेंद पर नाबाद 45 रन की पारी खेलकर टीम का स्कोर 200 रन के पार पहुंचाया. कर्नाटक के लिए तेज गेंदबाजों विजयकुमार और विद्याधर पाटिल ने तीन-तीन विकेट चटकाए.
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