Ravi Bishnoi Statement: भारतीय स्पिनर रवि बिश्नोई का कहना है कि पिछले एक साल में मेहनत, खुद को समझने और अपनी गेंदबाजी की लेंथ पर कंट्रोल करने से उनका खेल बेहतर हुआ और वे टीम इंडिया में जगह बना पाए. गुवाहाटी में टी20 मैच में मिले मौके का पूरा फायदा उठाया और चार ओवर में 18 रन देकर दो विकेट चटकाए.
न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में शानदार खेल दिखाने के बाद बिश्नोई ने कहा, ‘पिछले एक साल में मैंने अपनी लेंथ पर काम किया है, क्योंकि पिछले आईपीएल में मेरा प्रदर्शन अच्छा नहीं था. मेरी लाइन और लेंथ पर ज्यादा कंट्रोल नहीं था.’ उन्होंने कहा, ‘मैंने स्टंप्स के पास 5-6 मीटर की लेंथ पर गेंदबाजी करने की कोशिश की, क्योंकि उस लेंथ पर शॉट लगाना मुश्किल होता है.’

रवि बिश्नोई ने टीम इंडिया में लौटने पर क्या कहा
सालभर बाद वापसी
25 साल के इस लेग स्पिनर ने इससे पहले पिछले साल फरवरी में इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए आखिरी मैच खेला था. वे न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए टीम में नहीं थे. उन्हें स्पिन ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर के चोटिल होने के बाद टीम में जगह मिली. बिश्नोई ने तीसरे टी20 मैच में मिले मौके का पूरा फायदा उठाया और चार ओवर में 18 रन देकर दो विकेट लिए. उन्होंने कहा, ‘जब आप टीम से बाहर होते हैं तो काफी मुश्किल होता है. भारतीय टीम बहुत मजबूत है और इसमें जगह बनाना आसान नहीं है. इसलिए मौके कम मिलते हैं. मेरे लिए अच्छा रहा कि मुझे अपनी गेंदबाजी पर काम करने का समय मिला. मैंने घरेलू क्रिकेट में अच्छा खेला और उससे वापसी करने में मदद मिली.’

रवि बिश्नोई पर मिनी ऑक्शन में लगी बड़ी बोली
बिश्नोई ने कहा, ‘एक गेंदबाज के लिए टी20 मैच हमेशा मुश्किल होता है. जस्सी भाई (बुमराह) ने अच्छी गेंदबाजी की, हार्दिक भाई (पंड्या) ने भी अच्छी गेंदबाजी की. हर्षित (राणा) ने भी शुरुआत में विकेट लिया. अगर हम शुरुआत में दो-तीन विकेट ले लेते हैं तो बल्लेबाजी करने वाली टीम के लिए मुश्किल हो जाती है.’ इस स्पिनर ने माना कि जब उन्हें इस मैच में खेलने का मौका मिला तो वे पहले थोड़ा नर्वस थे.
बिश्नोई ने कहा, ‘मुझे आज मौका मिला और शुरू में मैं थोड़ा नर्वस था, लेकिन साथ ही एक्साइटेड भी था. जब भी मौका मिलता है तो अच्छा खेलना होता है, इसलिए घबराहट और उत्साह दोनों रहते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘मैंने अच्छी लेंथ पर गेंदबाजी करने की कोशिश की. अगर गेंद उस लेंथ पर सही स्पीड से गिरती है तो शॉट मारना बहुत मुश्किल होता है. ऐसा नहीं है कि मुझे 100 किमी प्रति घंटे से ज्यादा या कम स्पीड से गेंदबाजी करनी है. मैं उस दिन जैसा महसूस करता हूं, वैसे ही गेंदबाजी करता हूं.’
About the Author

नवंबर 2025 से नेटवर्क 18 ग्रुप में सब एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में 3 साल का अनुभव. जी न्यूज से खेल पत्रकारिता में डेब्यू किया. क्रिकेट के साथ-साथ हॉकी और बैडमिंटन के बारे में भी लिखने में दिलचस्पी. मा…और पढ़ें
Discover more from CRICKET NEWS
Subscribe to get the latest posts sent to your email.