अब पिता का सपना पूरा करने की बड़ी जिम्मेदारी
रिंकू सिंह पर अब अपने पिता के सपने को पूरा करने की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। अगर वर्ल्ड कप में आगे के मैचों में वे बेहतर प्रदर्शन कर टीम को ट्रॉफी जिताने में योगदान दे सके तो ये उनके पिता को सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी। हालांकि ये ट्रॉफी जिताऊ प्रदर्शन उनको पिता की फटकार व सुझाव के बिना ही करना होगा। क्योंकि प्रदर्शन में कोई खामी रहने पर रिंकू पिता से सलाह-मशविरा करते थे।
रिंकू को सेहरा बांधे देख पाने की ख्वाहिश भी रह गई अधूरी
रिंकू सिंह ने बचपन में कड़ा संघर्ष देखा है। पिता अलीगढ़ में सिलेंडर डिलिवरी किया करते थे। कड़ी मेहनत से अपने तीन बच्चों को पालते थे। रिंकू को भी कोई छोटा-मोटा काम करने कहते, लेकिन बेटे को तो क्रिकेटर बनने की जिद्द सवार थी। कड़ी मेहनत के दम पर रिंकू ने इंडियन टीम तक का रास्ता पूरा किया। रिंकू ने अपने माता-पिता का हर सपना पूरा किया, लेकिन रिंकू अपने पिता की इच्छा पूरी नहीं कर पाए। पिता खानचंद चाहते थे कि वह रिंकू को सेहरा बांधे देखे। रिंकू की बरात जाए और बहू घर घाए, लेकिन इससे पहले रिंकू की शादी हो पाती, उन्हें भगवान ने अपने पास बुला लिया।
सपा सांसद प्रिया सरोज से हुई है रिंकू सिंह की सगाई
रिंकू सिंह की सगाई समाजवादी पार्टी (SP) की मछलीशहर से सांसद प्रिया सरोज के साथ 8 जून 2025 को लखनऊ के एक होटल में हुई थी। इस हाई-प्रोफाइल सगाई में, करीबी रिश्तेदारों के अलावा कई बड़े नेता शरीक हुए थे।
पहले शादी 18-19 नवंबर 2025 को होनी थी, लेकिन बिजी क्रिकेट के चलते इसे टाल दिया गया था। चर्चा थी शादी जून 2026 में होगी। रिंकू सिंह को अब इस बात का ताउम्र अफसोस रहेगा कि अगर शादी 2025 में ही हो जाती तो उनके पिता उन्हें घोड़ी चढ़ते देख पाते। घर में बहु के शुभ कदम की आहट महसूस कर पाते। अपने बच्चों को आशीर्वाद दे पाते।
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