जवाब में भारत की शुरुआत खराब रही और पावरप्ले में ही 41/2 हो गए। लेकिन संजू सैमसन ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए 50 गेंदें में 12 चौके और 4 छक्के के मदद से नाबाद 97 रन बनाए। सूर्यकुमार यादव (18) के साथ 58 रनों की साझेदारी के बाद तिलक वर्मा (27), हार्दिक पांड्या (17) और शिवम दुबे (नाबाद 8) के साथ मिलकर उन्होंने टीम को जीत दिलाई। भारत ने 19.2 ओवर में 5 विकेट पर 199 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
इस मैच से पहले संजू सैमसन फॉर्म में नहीं थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू T20 सीरीज में उन्होंने 5 पारियों में सिर्फ 46 रन बनाए थे। उन्हें USA, पाकिस्तान, नीदरलैंड्स औरसाउथ अफ्रीका के मैचों में प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया था। जिम्बाब्वे के खिलाफ वे 15 गेंदों में 24 रन बनाकर लौटे, लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने कमाल कर दिया।
JioHotstar के पर दिए इंटरव्यू में संजू ने अपनी खराब फॉर्म के बारे में खुलकर बात की। बातचीत में भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ने अपने खराब प्रदर्शन और अपनी तकनीक में किए गए बदलावों के बारे में बताया। सैमसन ने खुलासा किया कि उन्होंने अपनी खराब फॉर्म से उभरने के लिए अपना फोन और सोशल मीडिया बंद कर था। नेगेटिव विचारों को पॉजिटिव में बदला और आत्म-मंथन किया। न्यूजीलैंड सीरीज के बाद मिले 10 दिनों के ब्रेक में उन्होंने अपने बेसिक्स पर काम किया, स्टांस और सेटअप में सुधार किया। संजू सैमसन ने कहा-
“इंसान की आदत होती है कि नेगेटिव सोच से शुरू करता है, जैसे क्या मैं कर पाऊंगा? लेकिन मैंने इसे पॉजिटिव में बदला। न्यूजीलैंड सीरीज के बाद मैंने सोचा कि क्या गलत हुआ, क्या और करना चाहिए। मैंने सोशल मीडिया बंद किया, लोगों की सलाह सुनी लेकिन ज्यादा बदलाव नहीं किया क्योंकि मैं जानता था कि इसी सेटअप से मैंने तीन इंटरनेशनल शतक लगाए हैं। मैंने खुद पर भरोसा रखा और यह स्पेशल मैच में हुआ।”
सैमसन ने कहा कि कोलकाता की पारी उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा था। भारत में कई युवा क्रिकेटर देश के लिए खेलने और बड़े मैच जीतने का सपना देखते हैं। तिरुवनंतपुरम के एक युवा के रूप में, उन्होंने ऐसे पल का सपना देखने की हिम्मत की और उन्हें गर्व है कि एक महत्वपूर्ण मैच में यह सपना सच हुआ।
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