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Sarfaraz Ahmed announced retirement: पाकिस्तान क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शुमार सरफराज अहमद ने रविवार (15 मार्च ) को इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया. 2006 में अंडर-19 वर्ल्ड कप और 2017 में चैंपियंस ट्रॉफी जिताने वाले सरफराज पाकिस्तान के इकलौते ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने जूनियर और सीनियर दोनों स्तरों पर आईसीसी खिताब जीते. 232 इंटरनेशलन मैचों में 6,000 से अधिक रन और 371 शिकार करने वाले इस दिग्गज ने टीम को टी20 रैंकिंग में नंबर-1 तक पहुंचाया. खिलाड़ी के तौर पर संन्यास के बाद सरफराज अब चयनकर्ता और कोच के रूप में नई पारी खेलेंगे.
सरफराज अहमद ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का किया ऐलान.
सरफराज अहमद (Sarfaraz Ahmed) पाकिस्तान के इतिहास के इकलौते ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने अपनी कप्तानी में पाकिस्तान को जूनियर (अंडर 19) और सीनियर दोनों स्तरों पर आईसीसी खिताब दिलाए. साल 2006 में उन्होंने पाकिस्तान की अंडर-19 टीम को अपनी अगुआई में वर्ल्ड चैंपियन बनाया था। लेकिन उनका सबसे बड़ा और यादगार लम्हा साल 2017 की आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी रही. इंग्लैंड की धरती पर खेले गए उस टूर्नामेंट में पाकिस्तान की टीम लगभग बाहर होने की कगार पर थी, लेकिन सरफराज के नेतृत्व में ‘मेन इन ग्रीन’ ने जबरदस्त वापसी की और फाइनल में चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत को हराकर खिताब अपने नाम किया. यह पिछले आठ सालों में पाकिस्तान की पहली और अब तक की आखिरी आईसीसी ट्रॉफी है.
सरफराज अहमद ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का किया ऐलान.
आंकड़ों में सरफराज का सफर
सरफराज ने पाकिस्तान के लिए तीनों फॉर्मेट में कुल 232 इंटरनेशनल मैच खेले, जिनमें उन्होंने जुझारू बल्लेबाजी का परिचय देते हुए 6,164 रन बनाए. उनके नाम इंटरनेशलन क्रिकेट में 6 शतक और 35 अर्धशतक दर्ज हैं. इस दाएं हाथ के बल्लेबाज ने 54 टेस्ट, 117 वनडे और 61 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं.विकेट के पीछे315 कैच और 56 स्टंपिंग के साथ वे पाकिस्तान के सबसे भरोसेमंद कीपर रहे.
कप्तानी का ‘स्वर्ण युग’ और नंबर-1 का सफर
सरफराज ने कुल 100 इंटरनेशनल मैचों में पाकिस्तान की कप्तानी की. उनके नेतृत्व में पाकिस्तान ने टी20 क्रिकेट में एक विश्व रिकॉर्ड कायम किया, जहां टीम ने लगातार 11 टी20 सीरीज जीतीं और आईसीसी रैंकिंग में नंबर-1 के पायदान पर कब्जा जमाया.
‘पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करना गर्व की बात’
संन्यास के मौके पर भावुक होते हुए सरफराज ने कहा, ‘पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है. बाबर आजम, शाहीन अफरीदी और हसन अली जैसे खिलाड़ियों को अपनी कप्तानी में मैच-विनर बनते देखना मेरी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है.’
नई भूमिका में भी ‘चैंपियन’
मैदान से विदा लेने से पहले ही सरफराज ने भविष्य की नींव रख दी है. इसी महीने उन्हें पाकिस्तान की पुनर्गठित चार सदस्यीय राष्ट्रीय चयन समिति में शामिल किया गया है. इतना ही नहीं, कोचिंग की दुनिया में भी उनका आगाज धमाकेदार रहा, जहां उनके मार्गदर्शन में पाकिस्तान की अंडर-19 टीम ने हाल ही में एशिया कप का खिताब जीता. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उनके योगदान की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं. सरफराज भले ही अब ग्लव्स पहनकर मैदान पर नजर न आएं, लेकिन एक रणनीतिकार के रूप में वे पाकिस्तान क्रिकेट की सेवा जारी रखेंगे.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
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