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Unbreakables 5 Cricket Records: क्रिकेट के मैदान पर रिकॉर्ड बनते ही टूटने के लिए हैं, लेकिन इतिहास के पन्नों में कुछ ऐसे आंकड़े दर्ज हैं जो किसी चमत्कार से कम नहीं लगते. इन रिकॉर्ड्स को ‘अटूट’ माना जाता है क्योंकि आधुनिक क्रिकेट के बदलते स्वरूप और खिलाड़ियों की व्यस्तता को देखते हुए इनके करीब पहुंचना भी नामुमकिन सा लगता है.
क्रिकेट के 5 रिकॉर्ड, जिनका टूटना है मुश्किल.
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने अपने 24 साल के लंबे करियर में जो सबसे बड़ा महारिकॉर्ड बनाया, वह था 100 अंतरराष्ट्रीय शतक (51 टेस्ट और 49 वनडे). जब सचिन ने 2012 में अपना 100वां शतक पूरा किया, तो दुनिया को लगा कि यह रिकॉर्ड युगों-युगों तक बना रहेगा. हालांकि विराट कोहली ने वनडे में सचिन के 49 शतकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, लेकिन तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे, टी20) को मिलाकर 100 की संख्या तक पहुंचना आज भी एवरेस्ट चढ़ने जैसा है. बढ़ती उम्र, फिटनेस की चुनौतियां और टी20 क्रिकेट के कारण टेस्ट मैचों की घटती संख्या इस रिकॉर्ड को सुरक्षित बनाती है.
क्रिकेट के 5 रिकॉर्ड, जिनका टूटना है मुश्किल.
सर डॉन ब्रैडमैन: 99.94 का टेस्ट औसत
क्रिकेट की दुनिया में अगर कोई एक नंबर सबसे अटूट माना जाता है, तो वह है 99.94. महान ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन (Don Bradman) ने अपने करियर के 52 टेस्ट मैचों में इसी औसत से रन बनाए. अपने आखिरी टेस्ट मैच की आखिरी पारी में उन्हें अपना औसत 100 का करने के लिए केवल 4 रन चाहिए थे, लेकिन वह शून्य पर आउट हो गए. आज के दौर में जहां दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों का औसत 50 से 60 के बीच सिमट जाता है, वहां 99.94 तक पहुंचना किसी भी इंसान के लिए असंभव सा प्रतीत होता है.
मुथैया मुरलीधरन: 800 टेस्ट विकेट
श्रीलंका के जादुई स्पिनर मुथैया मुरलीधरन (Muthiah Muralidaran) के नाम टेस्ट क्रिकेट में 800 विकेट का रिकॉर्ड दर्ज है. मुरलीधरन ने अपने आखिरी टेस्ट की आखिरी गेंद पर अपना 800वां विकेट लेकर इस रिकॉर्ड को एक ऐसी ऊंचाई पर पहुंचा दिया, जहां से दूसरे गेंदबाज बहुत छोटे नजर आते हैं. वर्तमान में शेन वॉर्न (708 विकेट) के बाद कोई भी गेंदबाज 700 का आंकड़ा भी पार नहीं कर सका है. टी20 लीग के बढ़ते चलन के कारण अब गेंदबाज लंबे समय तक टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलते, जिससे यह रिकॉर्ड हमेशा के लिए मुरलीधरन के नाम रह सकता है.
जिम लेकर: एक टेस्ट में 19 विकेट
गेंदबाजी के इतिहास का सबसे अकल्पनीय रिकॉर्ड इंग्लैंड के जिम लेकर (Jim Laker) के नाम है. 1956 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक टेस्ट मैच में उन्होंने 19 विकेट झटके थे (पहली पारी में 9 और दूसरी में 10). एक मैच में कुल 20 विकेट होते हैं, जिनमें से 19 अकेले एक गेंदबाज ने लिए. आधुनिक क्रिकेट में जहां गेंदबाज रोटेट किए जाते हैं और पिचें बल्लेबाजों के अनुकूल होती हैं, वहां किसी एक गेंदबाज का दोबारा 19 या 20 विकेट लेना नामुमकिन लगता है. अनिल कुंबले और एजाज पटेल ने एक पारी में 10 विकेट तो लिए, लेकिन पूरे मैच में 19 तक कोई नहीं पहुंच पाया.
ब्रायन लारा: टेस्ट की एक पारी में नाबाद 400 रन
वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा (Brian Lara) ने 2004 में इंग्लैंड के खिलाफ एंटीगा में नाबाद 400 रनों की पारी खेली थी.यह टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है. टेस्ट क्रिकेट अब तेज हो गया है और टीमें जल्दी पारी घोषित करना पसंद करती हैं ताकि मैच का नतीजा निकल सके. ऐसे में किसी बल्लेबाज का इतने लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहना और 400 रन बनाना लगभग असंभव है.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
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