Usman Khawaja Rachel mclellan romantic Love Story: उस्मान ख्वाजा पाकिस्तानी मूल के ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर हैं. ख्वाजा ने 14 साल बाद क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया. बाएं हाथ का यह अनुभवी ओपनर 4 जनवरी को इंग्लैंड के खिलाफ अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच खेलेगा. ख्वाजा ने संन्यास का ऐलान करते समय उन दिनों को भी याद किया जब उन्हें निशाना बनाया जाता था. ख्वाजा की लव लाइफ बहुत रोमांटिक है. ख्वाजा से शादी के लिए उनकी गर्लफ्रेंड को अपना धर्म बदलना पड़ा.
उस्मान ख्वाजा (Usman Khawaja) जब चार साल के थे तब उनकी फैमिली ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स में आकर बस गई.ख्वाजा एक पायलट भी हैं. ख्वाजा और रचेल मेक्कलेनन (Rachel Mclellan) की पहली मुलाकात सिडनी में हुई थी.दोनों को पहली नजर में ही प्यार हो गया. इसके बाद दोनों एक दूसरे के साथ समय बिताने लगे. हालांकि इस दौरान किसी ने भी एक दूसरे को नहीं बताया कि वो एक दूसरे से प्यार करते हैं. प्यार का इजहार करने के लिए ख्वाजा ने एक स्पेशल दिन चुना. उन्होंने रचेल के 21वें बर्थडे वाले दिन अपने प्यार का इजहार किया. ख्वाजा ने जब रचेल को प्रपोज किया उस समय वह घुड़सवारी कर रही थीं.रचेल ने उस्मान के प्रपोजल को बिना समय गंवाए स्वीकार कर लिया.

उस्मान ख्वाजा से उम्र में 9 साल छोटी हैं रचेल.
रचेल मेक्कलेनन ने 2017 में अपनाया इस्लाम
रचेल मेक्कलेनन ने साल 2017 में अपना धर्म परिवर्तन कर इस्लाम कुबूल कर लिया. वह कैथोलिक क्रिस्टियन थीं. इस्लाम कुबूल करने के बाद रचेल और ख्वाजा ने साल 2018 में शादी कर ली. दोनों दो बेटियों के पैरेंट्स हैं. ख्वाजा एक क्रिकेटर होने के साथ साथ मझे हुए पायलट भी हैं. उनके पास कमर्शियल पायलट का लाइसेंस भी है.वह एयरबस A380 उड़ा चुके हैं.

‘पाकिस्तानी और मुस्लिम होने के नाते मेरे साथ अलग व्यवहार होता था’
उस्मान ख्वाजा रिटायरमेंट का ऐलान करते हुए कहा कि उन्हें लगता था कि उनके पाकिस्तानी और मुस्लिम पृष्ठभूमि के कारण उनके साथ ‘अभी भी थोड़ा अलग व्यवहार किया जाता है.’ ख्वाजा ने कहा, ‘मेरे साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वो अलग था, घटनाएं भी अलग थीं. मुझे पीठ में दर्द होता है जो मेरे बस में नहीं है लेकिन मीडिया और पूर्व खिलाड़ी मुझ पर टूट पड़ते हैं. मुझे लगभग पांच दिनों तक आलोचना का सामना करना पड़ा. मुझे लेकर कई तरह की नस्लीय रूढ़िवादिता सामने आई, जैसे कि मैं आलसी हूं, पाकिस्तानी, वेस्टइंडीज के, अश्वेत खिलाड़ी…हम स्वार्थी हैं, हम सिर्फ अपनी परवाह करते हैं, हमें टीम की परवाह नहीं है, हम कड़ी मेहनत नहीं करते। ये वो बातें थीं जिनसे मैं अपनी पूरी जिंदगी जूझता रहा हूं.’

88वां टेस्ट होगा आखिरी
39 वर्षीय उसमान ख्वाजा के लिए एससीजी का मैदान काफी भाग्यशाली रहा है. इंग्लैंड के खिलाफ पांचवा टेस्ट उनके करियर का 88वां और आखिरी टेस्ट मैच होगा, जो उसी मैदान पर खेला जाएगा जहां से उन्होंने अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी. ख्वाजा ने 2018 में एससीजी में ही इंग्लैंड के खिलाफ 171 रन बनाकर एशेज में अपना पहला शतक बनाया था. एससीजी में ही उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ दो शतक लगाकर 35 वर्ष की उम्र में अपने करियर को नई दिशा दी. इसके बाद अगले दो वर्षों में ख्वाजा ने सात शतक जड़े.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
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