Vaibhav Suryavanshi net worth: वैभव सूर्यवंशी इस समय चर्चा में हैं. बाएं हाथ के इस विस्फोटक ओपनर ने अंडर 19 वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 175 रन की रिकॉर्डतोड़ पारी खेली. उन्होंने वर्ल्ड कप फाइनल की सबसे तेज सेंचुरी जड़ी. बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर गांव के रहने वाले वैभव की नेटवर्थ में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. अपने शानदार खेल से वह लगातार आगे बढ़ रहे हैं. वह क्रिकेट से मोटी कमाई कर रहे हैं.
वैभव सूर्यवंशी ने अंडर 19 वर्ल्ड कप फाइनल में 175 रन की शानदार पारी खेली.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) की नेटवर्थ लगभग 2.5 करोड़ हो चुकी है. बाएं हाथ के इस विस्फोटक ओपनर की कमाई का मुख्य जरिया क्रिकेट है. उनकी नेटवर्थ में आईपीएल का मोटा कॉन्ट्रेक्ट भी शामिल है. राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें ऑक्शन में 1.1 करोड़ रुपये में खरीदा था. वह बिहार अंडर 19 टीम के लिए रणजी ट्रॉफी और वीनू मांकड़ ट्रॉफी में खेल चुके हैं. आईपीएल में गुजरात टाइटंस के खिलाफ 35 गेंदों में शतक जड़ने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री 10 लाख रुपये इनामी राशि देने का ऐलान किया था.
वैभव सूर्यवंशी ने अंडर 19 वर्ल्ड कप फाइनल में 175 रन की शानदार पारी खेली.
वैभव सूर्यवंशी इसके अलावा अंडर 19 के मुकाबले खेलकर खूब पैसे कमा रहे है. बीसीसीआई अंडर-19 खिलाड़ियों को मैच फीस के रूप में प्रतिदिन 20 हजार रुपये देता है. यह फीस उन प्लेयर्स को ही मिलती है जो प्लेइंग 11 का हिस्सा होते हैं. वैभव सूर्यवंशी के आईपीएल में शानदार प्रदर्शन से खुश होकर राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी के मालिक रंजित बारठाकुर ने उन्हें मर्सिडीज बेंज कार गिफ्ट की थी. वैभव हालांकि अभी दोनों कार को नहीं चला सकते. क्योंकि अभी वह नाबालिग हैं. उनका ड्राइविंग लाइसेंस 18 साल होने के बाद ही बनेगा. वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल के 18वें सीजन में डेब्यू किया. अपने डेब्यू आईपीएल सीजन में उन्होंने शानदार प्रदर्शन कर दिल जीत लिया. उन्होंने 7 पारियों में 206.55 की स्ट्राइक रेट से 252 रन बनाए. सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट के लिए उन्हें पुरस्कार में टाटा कर्व कार मिली.
वैभव सूर्यवंशी ने हरारे में इंग्लैंड के खिलाफ आईसीसी अंडर-19 विश्व कप 2026 के फाइनल में 80 गेंदों में 175 रन बनाकर कई रिकॉर्ड तोड़ दिए. इस युवा भारतीय स्टार ने अंडर-19 विश्व कप के इतिहास में दूसरा सबसे तेज शतक बनाया. उन्होंने मात्र 55 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की. उनसे आगे ऑस्ट्रेलिया के विल मलाजचुक हैं, जिन्होंने जापान के खिलाफ 51 गेंदों में यह शतक बनाया था.उन्होंने सबसे अहम मौके पर शानदार प्रदर्शन करते हुए महज 32 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और इंग्लैंड के गेंदबाजों को परेशान करने के लिए अपना आक्रामक रुख बरकरार रखा. उनका दूसरा अर्धशतक मात्र 23 गेंदों में बनकर तैयार हो गया.
वैभव की कहानी किसी मॉडर्न क्रिकेट अकादमी से शुरू नहीं होती. यह ताजपुर की एक छत से शुरू होती है, जहां लॉकडाउन के दौरान वह कभी दीवार के सहारे बल्लेबाजी का अभ्यास करते थे. 2020 में अकेले कवर ड्राइव खेलते हुए उनका एक धुंधला वीडियो ऑनलाइन वायरल हुआ था. तब कुछ ही लोगों ने इस पर ध्यान दिया था. आज वही वीडियो किसी भविष्यवाणी जैसा लगता है. अपने दादा द्वारा बनाए गए एक साधारण दो मंजिला घर में पले-बढ़े वैभव का जीवन सादगी और दृढ़ता का मिश्रण है.एक संकरी बालकनी उस गली की ओर खुलती है जहां उन्होंने पहली बार बल्ला चलाया था, जबकि घर के बगल में उनके पिता संजीव सूर्यवंशी द्वारा बनाया गया एक छोटा सा हाथ से बना नेट उनका सुकून का ठिकाना बना हुआ है. हर सुबह, स्कूल जाने से पहले और दुनिया के जागने से पहले, ताजपुर की शांत हवा में गेंद के नेट से टकराने की आवाज गूंजती है.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
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