Yuvraj Singh revealed Retirement Reason: दिग्गज भारतीय ऑलराउंडर ने संन्यास के 7 साल बाद एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने हर किसी को चौंका दिया. युवराज ने बताया है कि आसपास सम्मान और सपोर्ट की कमी ने उनके संन्यास के फैसले में अहम भूमिका निभाई. युवराज ने 2019 में संन्यास का ऐलान कर दिया था, जब उन्हें वर्ल्ड कप टीम में जगह नहीं मिली थी.
44 साल के युवराज सिंह ने कहा कि उन्हें क्रिकेट खेलते हुए वह खुशी महसूस नहीं होती थी. उन्होंने बताया कि उनके इस फैसले की एक बड़ी वजह यह थी कि उन्हें अपने आसपास से न तो पूरा समर्थन मिल रहा था और न ही सम्मान. पूर्व भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा के साथ हाल ही में हुए एक पॉडकास्ट में युवराज ने इसका संन्यास के फैसले की वजह का खुलासा किया.

युवराज सिंह का संन्यास पर चौंकाने वाला खुलासा
युवराज का चौंकाने वाला खुलासा
युवराज ने कहा, ‘मुझे अपने खेल में मजा नहीं आ रहा था. मेरे मन में बार-बार यह सवाल आता था कि जब मुझे क्रिकेट खेलने में खुशी ही नहीं मिल रही, तो मैं इसे क्यों खेल रहा हूं? मुझे ऐसा लग रहा था कि न तो मुझे टीम का साथ मिल रहा है और न ही इज्जत. जब ये दोनों चीजें नहीं हैं, तो फिर खेलने का क्या मतलब है? मैं खुद से पूछता था कि मैं आखिर किस बात को साबित करना चाहता हूं? मैं मानसिक और शारीरिक रूप से इससे ज्यादा नहीं कर सकता था और यह सब मुझे अंदर से तकलीफ दे रहा था. जिस दिन मैंने खेल छोड़ दिया, उस दिन मुझे फिर से खुद जैसा महसूस हुआ.’

2011 वनडे वर्ल्ड कप युवराज सिंह के लिए बहुत ही शानदार रहा.
युवराज ने अपने जीवन के एक पुराने दौर को भी याद किया, जब उनकी प्रतिभा पर सवाल उठाए गए थे. उन्होंने कहा, ‘अब जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो लगता है कि उस इंसान के पास मुझे ठीक से देखने का समय ही नहीं था. शायद वह मेरे पिता से अच्छा व्यवहार कर रहा था. उस समय वह खुद भारत के लिए खेल रहा था, इसलिए उसने ऐसा कहा होगा. तब मैं सिर्फ 13-14 साल का था और खेल को समझ ही रहा था. मैं इसे दिल पर नहीं लेता, लेकिन मेरे पिता ने इसे काफी गंभीरता से लिया था.’
युवराज सिंह का क्रिकेट करियर
युरवाज सिंह भारत के महान ऑलराउंडर्स में शुमार हैं. उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में खुद को एक बड़ा मैच विनर साबित किया. युवराज वनडे फॉर्मेट में भारत के उन दिग्गज खिलाड़ियों में शामिल रहे, जो अकेले दम पर मुकाबला जिताने की काबिलियत रखते थे. उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से तबाही मचाई. भारत को 2011 वर्ल्ड कप जिताने में युवराज की अहम भूमिका रही. 304 वनडे मैचों में युवराज ने 8701 रन बनाए. इस दौरान 14 शतक और 52 अर्धशतक उनके बल्ले से निकले. वनडे में उनके नाम 111 विकेट भी दर्ज हैं. 40 टेस्ट मैचों में युवराज ने 1900 रन और 9 विकेट नाम किए. वहीं, 58 टी20 इंटरनेशनल मैच में 1100 से ज्यादा रन और 28 विकेट उनके नाम हैं.
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नवंबर 2025 से नेटवर्क 18 ग्रुप में सब एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में 3 साल का अनुभव. जी न्यूज से खेल पत्रकारिता में डेब्यू किया. क्रिकेट के साथ-साथ हॉकी और बैडमिंटन के बारे में भी लिखने में दिलचस्पी. मा…और पढ़ें
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