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बीसीसीआई नमन पुरस्कारों के दौरान मिताली ने कहा, ‘मैं बरसों से चाहती थी कि भारतीय क्रिकेट का दबदबा हो और अब वो समय आ गया है.’ उन्होंने कहा, ‘पिछले दो-तीन साल में महिला, पुरुष या अंडर 19 लड़के-लड़कियों ने शानदार प्रदर्शन किया है. एक पूर्व क्रिकेटर होने के नाते भारतीय क्रिकेट की तरक्की देखकर गर्व महसूस होता है
नमन एवॉर्ड में मिथाली राज ने जय शाह को दिया भारतीय क्रिकेट को बढ़ाने का दिया क्रेडिट
बीसीसीआई नमन पुरस्कारों के दौरान मिताली ने कहा, ‘मैं बरसों से चाहती थी कि भारतीय क्रिकेट का दबदबा हो और अब वो समय आ गया है.’ उन्होंने कहा, ‘पिछले दो-तीन साल में महिला, पुरुष या अंडर 19 लड़के-लड़कियों ने शानदार प्रदर्शन किया है. एक पूर्व क्रिकेटर होने के नाते भारतीय क्रिकेट की तरक्की देखकर गर्व महसूस होता है.’ मिताली, राहुल द्रविड़ और रोजर बिन्नी को बीसीसीआई पुरस्कार समारोह में कर्नल सी के नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार मिला.
जय शाह को दिया क्रेडिट
उन्होंने महिला क्रिकेट के बदलाव का श्रेय बीसीसीआई के पूर्व सचिव और आईसीसी के मौजूदा अध्यक्ष जय शाह को दिया. मिताली ने कहा, ‘मैंने महिला क्रिकेट में बदलाव देखा है और मैं बीसीसीआई और जय सर के सहयोग का जिक्र करना चाहूंगी. पिछले चार-पांच साल में महिला क्रिकेट में बड़ा बदलाव आया है और ये एक व्यक्ति की वजह से हुआ है.’ उन्होंने कहा, ‘वैश्विक स्तर पर उनके विजन और मेहनत की वजह से. उन्होंने महिला क्रिकेट के विकास के लिए बहुत कोशिश की है.’ शाह के कार्यकाल में महिला और पुरुष क्रिकेटरों की बराबर मैच फीस शुरू हुई और महिला प्रीमियर लीग भी शुरू हुई.
सचिन द्रविड़ को दिया श्रेय
मिताली ने ये भी कहा कि अपने करियर में उन्होंने सचिन तेंदुलकर और द्रविड़ से बहुत प्रेरणा ली. उन्होंने कहा, ‘महिला क्रिकेट का अपना सफर रहा है लेकिन हमने पुरुष क्रिकेटरों से बहुत प्रेरणा ली. मैंने राहुल और सचिन से बहुत कुछ सीखा. उनसे बल्लेबाजी पर लंबी बातें की और सुझाव मिले जो बहुत काम आए.’ बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष और 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य रहे बिन्नी ने कहा, ‘मैं खुशकिस्मत हूं कि भारत के लिए खेलने का मौका मिला. इतने बड़े देश में हर किसी को ये मौका नहीं मिलता. भारत के लिए खेलना सबसे बड़ा लक्ष्य था जो मैंने हासिल किया.’ उन्होंने कहा, ‘खेलने के बाद मैंने ब्रेक लिया लेकिन फिर लगा कि अभी भी क्रिकेट को कुछ दे सकता हूं. फिर कोचिंग में आया और कर्नाटक की टीम के बाद भारत की जूनियर टीमों को कोचिंग दी और युवाओं के साथ अनुभव बांटना बहुत अच्छा रहा
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