most runs in an innings by a wicketkeeper: महेंद्र सिंह धोनी का नाम क्रिकेट जगत में एक ऐसे फिनिशर और कप्तान के तौर पर लिया जाता है जिसने इस खेल की परिभाषा बदल दी. लेकिन साल 2005 में एक युवा धोनी ने अपनी बल्लेबाजी से वो महारिकॉर्ड बनाया, जो आज भी दुनिया के बड़े-बड़े विकेटकीपर बल्लेबाजों के लिए एक चुनौती बना हुआ है. वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में बतौर विकेटकीपर सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने का विश्व रिकॉर्ड आज भी ‘कैप्टन कूल’ के नाम ही दर्ज है.
विकेटकीपर के तौर पर वनडे में सबसे बड़ी पारी खेलने का वर्ल्ड रिकॉर्ड महेंद्र सिंह धोनी के नाम पर है. श्रीलंका के खिलाफ 31 अक्टूबर 2005 को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में धोनी ने 145 गेंदों पर नाबाद 183 रनों की पारी खेली थी जिसमें 15 चौके और 10 छक्के शामिल थे. श्रीलंकाई फील्डर इस मुकाबले में पूरे समय धोनी के जबर्दस्त शॉट्स के आगे मैदान में चारों ओर भागते नजर आए थे.वर्ल्ड क्रिकेट में एडम गिलक्रिस्ट और क्विंटन डिकॉक जैसे भी विकेटकीपर गेंदों पर जबर्दस्त प्रहार करने और बड़ी पारी खेलने के लिए जाने जाते हैं लेकिन माही का यह रिकॉर्ड ये दोनों भी तोड़ नहीं पाए.

एमएस धोनी के नाम वनडे में सबसे बड़ी पारी खेलने का है रिकॉर्ड.
गांगुली ने साहसिक फैसला लेकरधोनी को तीसरे नंबर पर भेजा था
श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए कुमार संगकारा के शतक की मदद से 298 रनों का मजबूत स्कोर बनाया था. भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और दिग्गज सचिन तेंदुलकर सस्ते में आउट हो गए. उस समय कप्तान सौरव गांगुली ने एक साहसिक फैसला लिया और युवा महेंद्र सिंह धोनी को नंबर 3 पर बल्लेबाजी के लिए भेजा. धोनी ने क्रीज पर आते ही श्रीलंकाई गेंदबाजों की लाइन-लेंथ बिगाड़ दी. तेज गेंदबाज चमिंडा वास और मुथैया मुरलीधरन जैसे दिग्गज गेंदबाज भी धोनी के प्रहारों के सामने बेबस नजर आए. धोनी ने मात्र 145 गेंदों का सामना किया और नाबाद 183 रन बनाए. इस पारी के दौरान उन्होंने एडम गिलक्रिस्ट के 172 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. एक पारी में 10 छक्के लगाकर उन्होंने उस समय भारतीय रिकॉर्ड भी बनाया था.
पीछा कर रहे हैं दुनिया के दिग्गज
धोनी के इस पहाड़ जैसे स्कोर के बाद कई महान विकेटकीपरों ने बड़ी पारियां खेलीं, लेकिन वे धोनी के नाबाद 183 रन के करीब पहुंचकर भी उसे पार नहीं कर सके. दक्षिण अफ्रीका के विकेटकीपर क्विंटन डी कॉक ने साल 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 178 रनों की तूफानी पारी खेली थी. वे धोनी के रिकॉर्ड के सबसे करीब पहुँचे, लेकिन मात्र 5 रन से पीछे रह गए. बांग्लादेश के विकेटकीपर लिटन दास ने साल 2020 में जिम्बाब्वे के खिलाफ 176 रन बनाए थे. एक समय लग रहा था कि वे धोनी को पीछे छोड़ देंगे, लेकिन वे भी 180 के आंकड़े को पार नहीं कर सके. आधुनिक युग के विकेटकीपर बल्लेबाजों की नींव रखने वाले ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज एडम गिलक्रिस्ट ने 2004 में जिम्बाब्वे के खिलाफ 172 रन बनाए थे. धोनी ने उनका ही रिकॉर्ड तोड़कर यह ताज अपने नाम किया था.

धोनी का महाकीर्तिमान बरकरार
क्रिकेट का स्वरूप आज बदल चुका है. टी20 के प्रभाव से वनडे में भी बड़े स्कोर बन रहे हैं. लेकिन धोनी की वो 183 रनों की पारी एक मिसाल बनी हुई है. यह केवल रनों का आंकड़ा नहीं था, बल्कि एक विकेटकीपर की बल्लेबाजी क्षमता का नया शिखर थ. सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड हो या अजीत अगरकर का सबसे तेज अर्धशतक, भारतीय क्रिकेट के ये कुछ ऐसे पन्ने हैं जिन्हें पलटना नामुमकिन सा है.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
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