Shoaib Akhtar Criticize Mohsin Naqvi: टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पाकिस्तान के बाहर होने पर पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर का गुस्सा फूट पड़ा है. श्रीलंका के खिलाफ जीत के बावजूद सेमीफाइनल की रेस से बाहर होने पर अख्तर ने पीसीबी मैनेजमेंट को ‘क्लूलेस’ करार दिया. उन्होंने चयन प्रक्रिया पर तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि गलत खिलाड़ियों को मौका देना टीम को भारी पड़ा. अख्तर ने चेयरमैन मोहसिन नकवी को घेरते हुए कहा कि उनके पास शक्ति और संसाधन तो हैं, लेकिन उनके सलाहकार उन्हें गलत दिशा में ले जा रहे हैं. लगातार चौथे आईसीसी टूर्नामेंट में पाकिस्तान की यह विफलता बोर्ड के ढांचे पर बड़े सवाल खड़े करती है
शोएब अख्तर ने पाकिस्तान के टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद जमकर पीसीबी की आलोचना की.
टैपमैड (Tapmad) पर बातचीत करते हुए शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) ने टीम के थिंक-टैंक को पूरी तरह दिशाहीन करार दिया. उन्होंने कहा कि श्रीलंका के खिलाफ आखिरी मैच में टीम का प्रदर्शन यह साबित करता है कि पिछले 15 दिनों से गलत प्लेइंग इलेवन खिलाई जा रही थी. बकौल अख्तर, ‘पाकिस्तान का मैनेजमेंट पूरी तरह क्लूलेस नजर आ रहा है. आज की टीम चयन ने पुष्टि कर दी कि पिछले दो हफ्तों से जो इलेवन चुनी गई, वह गलत थी. एक बड़ी चूक यह थी कि ख्वाजा नफे की जगह सैम अयूब को खेलना चाहिए था, जो गेंदबाजी में भी योगदान दे सकते थे.’
शोएब अख्तर ने पाकिस्तान के टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद जमकर पीसीबी की आलोचना की.
अख्तर ने पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी पर निशाना साधा
शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) ने आगे कहा कि जब सही खिलाड़ियों को उनकी सही भूमिका में रखा गया, तो परिणाम सामने आए. फखर ज़मान जैसे नैसर्गिक ओपनर को पहले न खिलाना और अबरार अहमद जैसे स्पिनर को नजरअंदाज करना मैनेजमेंट की विफलता को दर्शाता है. शोएब अख्तर ने पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी पर भी निशाना साधा, लेकिन उनके निशाने पर नकवी से ज्यादा उनके सलाहकार रहे. अख्तर ने स्वीकार किया कि नकवी एक शक्तिशाली अध्यक्ष हैं और उनके पास संसाधन हैं, लेकिन उनके इर्द-गिर्द मौजूद ‘सिस्टम’ टीम को डुबो रहा है.
नकवी साहब को सही सलाह नहीं दी जा रही:अख्तर
अख्तर ने कहा, ‘नकवी साहब शायद क्रिकेट विशेषज्ञ न हों और वह वाकई जीतना चाहते हों, लेकिन क्या उन्हें सही सलाह मिल रही है? बिल्कुल नहीं.’ अख्तर ने सीधे तौर पर कहा कि चयन समिति चेयरमैन के साथ न्याय नहीं कर रही है और उनके फैसलों से नकवी की छवि खराब हो रही है. उन्होंने नकवी को पाकिस्तान क्रिकेट की ‘आखिरी उम्मीद’ बताते हुए अपील की कि वे अपने आसपास के ढांचे और सलाहकारों को बदलें.
क्या अब होगा बड़ा बदलाव?
लगातार चार वैश्विक टूर्नामेंट्स में ग्रुप स्टेज या सुपर-8 से बाहर होना पाकिस्तान क्रिकेट के इतिहास का सबसे काला दौर माना जा रहा है.अख्तर का यह गुस्सा केवल एक हार का नतीजा नहीं है, बल्कि उस सिस्टम के खिलाफ है जो बार-बार एक ही गलती दोहरा रहा है.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
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