नई दिल्ली. हार्दिक ने 26 जनवरी 2016 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में वनडे डेब्यू किया था. गणतंत्र दिवस पर डेब्यू करना उनके लिए बेहद खास पल था. इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिखते हुए हार्दिक ने कहा, “10 साल का सफर, और मैं 33 का हो चुका हूं. खेलना और देश की सेवा करना, दोनों ही मेरे लिए गर्व की बात हैं. आप सभी से मुझे जो प्यार मिला है, उसके लिए दिल से धन्यवाद. हर उस चीज के लिए शुक्रिया. भगवान का भी आभार, उन सभी मुश्किलों के लिए, जिन्होंने मुझे यहां तक पहुंचाया. उन मौकों के लिए जो इतने लोगों ने मुझ पर भरोसा करके दिए और उस जिंदगी को जीने के अवसर के लिए, जो मुझे मिली. इस साल ने मुझे सिखाया है कि यह तो बस शुरुआत है. मैं उस रास्ते पर अभी-अभी चलना शुरू कर रहा हूं, जिस पर मैं सच में चलना चाहता हूं.”हार्दिक ने अपने बचपन की मेहनत को याद किया. उन्होंने बताया, अगर मैं पीछे मुड़कर देखूं तो बड़ौदा का वही युवा हार्दिक याद आता है, जो खेलने के लिए कुछ मील ज्यादा दौड़ जाता था. एक बल्लेबाज, जो गेंदबाजों को नेट्स में ज्यादा गेंदें फेंकता था क्योंकि उन्हें बल्लेबाजी की प्रैक्टिस का मौका नहीं मिलता था. 19 साल की उम्र में ऑल-राउंडर बना, कभी पहचाना गया, कभी ठुकराया गया और फिर अपने देश के लिए खेलने का मौका मिला. यह मेरे जीवन की सबसे मूल्यवान जर्नी रही है. उन्होंने आगे लिखा, भगवान ने मेरे लिए बड़े प्लान बनाए थे, जब उन्होंने मुझे 26 जनवरी के दिन डेब्यू करने का मौका दिया. इस खेल को खेलते-खेलते मैं एक इंसान से आदमी बना हूं, और इसी खेल के साथ बूढ़ा भी होऊंगा.
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