ट्रेनिंग मिस हुई, प्लेइंग इलेवन में सस्पेंस बरकरार
पिता की तबीयत खराब होने से रिंकू चेन्नई में टीम के अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं ले सके। शुरुआत में लग रहा था कि वे जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से बाहर हो सकते हैं, लेकिन अब उनकी वापसी की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, अंतिम निर्णय टीम प्रबंधन, चयनकर्ताओं और मेडिकल रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। अगर रिंकू पूरी तरह फिट नहीं हुए, तो संजू सैमसन को मौका मिल सकता है। इससे टीम में दाएं-बाएं हाथ के बल्लेबाजों का बैलेंस बदल सकता है।
टूर्नामेंट में निराशाजनक फॉर्म
रिंकू का इस टी20 वर्ल्ड कप का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। पांच पारियों में उन्होंने महज 24 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 100 से भी कम रहा। अहमदाबाद में साउथ अफ्रीका के खिलाफ वे खाता खोले बिना आउट हो गए थे।
लेफ्ट-हैंडर्स की अधिकता बनी समस्या
भारतीय बल्लेबाजी में टॉप ऑर्डर पर बाएं हाथ के बल्लेबाजों की भरमार ने विरोधी गेंदबाजों को ऑफ-स्पिन का सहारा लेने का मौका दिया है। पिछले तीन मैचों में शुरुआती ओवरों में विकेट गिरते रहे, जिससे टीम की रणनीति पर सवाल खड़े हुए हैं। ऐसे में प्लेइंग इलेवन में बदलाव की चर्चा तेज है। क्या रिंकू को वापसी का मौका मिलेगा या संजू सैमसन को जगह दी जाएगी? यह सवाल बरकरार है।
Discover more from CRICKET NEWS
Subscribe to get the latest posts sent to your email.