Vaibhav suryavanshi can not play second u19 world cup: वैभव सूर्यवंशी दो साल बाद होने वाले अंडर 19 वर्ल्ड कप में नहीं खेल पाएंगे. बीसीसीआई के नियम के मुताबिक कोई भी खिलाड़ी एक से ज्यादा बार अंडर 19 वर्ल्ड कप में नहीं खेल सकता है. बीसीसीआई यह नियम 2016 में उस समय लेकर आई थी जब राहुल द्रविड़ इंडिया अंडर 19 टीम के कोच थे. इसका उद्देश्य टैलेंट पूल को बढ़ाना और ज्यादा से ज्यादा युवा खिलाड़ियों को जूनियर स्तर पर इंटरनेशनल एक्सपोजर देना था.
वैभव सूर्यवंशी 2028 में होने वाले अंडर 19 वर्ल्ड कप में नहीं खेल पाएंगे.
चौदह साल के वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) दो साल बाद 17 साल के हो जाएंगे. अगला अंडर 19 वर्ल्ड कप 2028 में होगा. लेकिन वैभव बीसीसीआई के नियम की वजह से उस विश्व कप में नहीं खेल पाएंगे. साल 2016 में बीसीसीआई ने एक नियम बनाया जिसमें यह कहा गया कि कोई भी खिलाड़ी एक से ज्यादा बार अंडर 19 वर्ल्ड कप में नहीं खेल सकता है. बीसीसीआई ने जब यह नियम बनाया उस समय इंडिया अंडर 19 टीम के कोच राहुल द्रविड़ थे. बीसीसीआई को यह नियम इसलिए बनाना पड़ा ताकि टैलेंट पूल को बढ़ावा मिले और ज्यादा से ज्यादा युवा खिलाड़ी जूनियर स्तर पर इंटरनेशनल एक्सपोजर पा सकें.
वैभव सूर्यवंशी 2028 में होने वाले अंडर 19 वर्ल्ड कप में नहीं खेल पाएंगे.
5 खिलाड़ियों ने खेले दो बार अंडर 19 वर्ल्ड कप
बीसीसीआई के इस नियम के आने से पहले भारत के लिए 5 खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने एक नहीं दो बार अंडर 19 वर्ल्ड कप में खला. इन खिलाड़ियों में सरफराज खान, रवींद्र जडेजा, विजय जोल, रिकी भुई और आवेश खान शामिल हैं. वैभव सूर्यवंशी 27 मार्च को 15 साल के हो जाएंगे. छोटी उम्र में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी को देखकर क्रिकेट जगत हैरान है. उन्होंने वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों पर 175 रन की पारी खेली जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे. वैभव एक वर्ल्ड कप में सर्वाधिक छक्के जड़ने वाले बल्लेबाज बन गए.उनके बल्ले से इस वर्ल्ड कप में सबसे अधिक 30 छक्के निकले.
वैभव सूर्यवंशी यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले खिलाड़ी बने
वैभव सूर्यवंशी की धमाकेदार पारी के दम पर भारत ने फाइनल में इंग्लैंड को 100 रन से हराकर छठा खिताब अपने नाम किया. भारत ने पिछली बार 2022 में वेस्टइंडीज में इंग्लैंड को हराकर ही खिताब जीता था. भारत ने इससे पहले 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में आईसीसी ट्रॉफी जीती थी जो टूर्नामेंट के इतिहास में देश के दबदबे को दिखाता है. दसवीं बार फाइनल में पहुंची भारतीय टीम ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए सूर्यवंशी के शतक से नौ विकेट पर 411 रन का रिकॉर्ड स्कोर खड़ा किया.
लेफ्ट हैंड ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने यादगार पारी खेली और महज 55 गेंद में तीन अंक का आंकड़ा छूकर इस टूर्नामेंट में दूसरा सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ी बन गए. यह अंडर-19 विश्व कप फाइनल में किसी खिलाड़ी का सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड है और टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में यह टीम का सबसे बड़ा स्कोर भी है. सूर्यवंशी इस प्रदर्शन की बदौलत अंडर-19 विश्व कप में ‘प्लेयर ऑफ द फाइनल’ और ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ दोनों पुरस्कार जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
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