Bangladesh cricketers reaction on BCB Decision: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और उनकी सरकार ने आगामी टी20 वर्ल्ड कप में खेलने को लेकर अपनी टीम के लिए जो फैसला लिया है, उससे खिलाड़ी निराश हैं. कप्तान लिटन दास ने कहा है कि उनकी टीम टूर्नामेंट के लिए तैयार है. कई क्रिकेटर्स ने बताया है कि इस पूरे मामले में बांग्लादेश सरकार का सीधा हस्तक्षेप है.
एक रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ियों की नाराजगी फैसले से ज्यादा उसे लेने के तरीके को लेकर है. संवाद की जगह ऊपर से आदेश वाली संस्कृति अपनाई गई. खिलाड़ियों को लगा कि वे चर्चा का हिस्सा नहीं, बल्कि पहले से तय पटकथा के श्रोता बनकर रह गए हैं. दरअसल, विश्व कप से बाहर होने का फैसला लेने से पहले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने खिलाड़ियों की एक बैठक बुलाई थी.

बांग्लादेश क्रिकेट टीम
एक क्रिकेटर ने अपना नाम न छापने की शर्त पर कहा, ‘मीटिंग हमारी सहमति के लिए नहीं बुलाई गई थी. हमें सिर्फ यह बताने के लिए बुलाया गया कि क्या होने वाला है. फैसले पहले ही लिए जा चुके थे और हमारी बातों का उस पर कोई असर नहीं पड़ा. पहले खिलाड़ियों से खुलकर राय ली जाती थी, लेकिन इस बार साफ कह दिया गया कि भारत में विश्व कप खेलने का सवाल ही नहीं है.’
कप्तान लिटन दास भी निराश
क्रिकेटर के मुताबिक, मामले में बांग्लादेश सरकार का सीधा हस्तक्षेप है. सरकार का कॉल पहले ही आ चुका था. सीधा आदेश था कि टीम नहीं जाएगी. मामला अब क्रिकेटिंग लॉजिक से आगे बढ़कर सुरक्षा और राज्य की नीति के दायरे में चला गया है. रिपोर्ट के मुताबिक मीटिंग के दौरान कप्तान लिटन दास और टेस्ट कप्तान नजमुल हुसैन शान्तो ने कहा कि टीम तैयार है और टूर्नामेंट में खेलने को इच्छुक है. इसकी वजह हाल के महीनों में एक मजबूत टी20 यूनिट बनने के लिए हमने कड़ी मेहनत की है और सकारात्मक परिणाम दिए हैं.

बांग्लादेश भारत न आने के अपने फैसले पर कायम.
एक अन्य क्रिकेटर ने कहा, ‘अगर हम नहीं जाते हैं, तो नुकसान हमारे क्रिकेट का होगा. हमने इतनी मेहनत की, लेकिन किसी को फर्क नहीं पड़ेगा.’ मीटिंग के बाद खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने मीडिया से कहा कि बांग्लादेश अपने फैसले पर कायम रहेगा. उन्होंने आईसीसी पर ‘सही न्याय’ न देने का आरोप लगाया और कहा कि न तो आईसीसी और न ही भारत सरकार ने बांग्लादेश की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं. सरकार और बीसीबी अधिकारियों ने पिछली धमकियों और दर्शकों और पत्रकारों की सुरक्षा जैसे मुद्दों को सामने रखते हुए पूरे इवेंट को जोखिम भरा बताया.
बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने खिलाड़ियों को आश्वस्त करने की कोशिश की, लेकिन ज्यादातर खिलाड़ियों को पहले से ही लग रहा था कि नतीजा तय है. टीम प्रबंधन के एक सदस्य के मुताबिक खिलाड़ियों के लिए बुरा लग रहा है, जिन्होंने इस बड़े टूर्नामेंट के लिए खुद को पूरी तरह झोंक दिया था.
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नवंबर 2025 से नेटवर्क 18 ग्रुप में सब एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में 3 साल का अनुभव. जी न्यूज से खेल पत्रकारिता में डेब्यू किया. क्रिकेट के साथ-साथ हॉकी और बैडमिंटन के बारे में भी लिखने में दिलचस्पी. मा…और पढ़ें
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