Mashrafe Mortaza Love Story: बांग्लादेश के पूर्व कप्तान और दिग्गज तेज गेंदबाज मशरफे मुर्तजा ने 2006 में सुमोना हक सुमी से शादी की थी. सुमोना का जन्म पश्चिम बंगाल (भारत) में हुआ था. इस कपल के दो बच्चे हैं. एक बेटा और एक बेटी. बेटे का नाम साहिल है और बेटी का नाम हुमैरा है. मुर्तजा बांग्लादेश के लिए दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं.
2006 में ‘भारतीय लड़की’ से की शादी
मशरफे मुर्तजा की शादी सुमोना हक सुमी से हुई है, जिनका जन्म पश्चिम बंगाल (भारत) में हुआ था. सुमोना ने अपने करियर की शुरुआत एक स्वतंत्र फैशन डिजाइनर के रूप में की थी और उन्होंने कई कंपनियों के साथ काम किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सुमोना ढाका में एक फैशन आउटलेट भी चलाती हैं. मशरफे और सुमोना की शादी साल 2006 में हुई थी. मशरफे और सुमोना दो बच्चों के माता पिता हैं. इस कपल के पास एक बेटा और एक बेटी है. उनके बेटे का नाम साहिल है और बेटी का नाम हुमैरा है.

मशरफे मुर्तजा और सुमोना हक की शादी 2006 में हुई.
मुर्तजा के सफल क्रिकेट करियर में सुमोना का सपोर्ट
अपनी शानदार गेंदबाजी और बेहतरीन कप्तानी के लिए पहचाने जाने वाले मशरफे के जीवन में क्रिकेट के अलावा भी एक खूबसूरत कहानी है. यह कहानी उनकी पत्नी सुमोना हक सुमी की है, जो उनके सफल क्रिकेट करियर का अहम हिस्सा रही हैं. मशरफे मुर्तज़ा की पत्नी सुमोना हक सुमी एक निजी स्वभाव की महिला हैं. वह ज्यादातर समय लाइमलाइट से दूर रहती हैं, लेकिन अपने पति के जीवन में उनका योगदान बहुत बड़ा है. सुमी ने हमेशा मशरफे का साथ दिया है, चाहे मैदान के अंदर हो या बाहर.

मशरफे मुर्तजा अपनी पत्नी और बच्चों के साथ.
एक मशहूर क्रिकेटर की पत्नी होना आसान नहीं होता. सुमोना ने बहुत समझदारी से अपने पति के व्यस्त क्रिकेट करियर और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाए रखा है. सार्वजनिक जीवन में रहते हुए भी सामान्य और शांत पारिवारिक माहौल बनाए रखना उनकी बड़ी उपलब्धि है. मशरफे और सुमोना माता-पिता भी हैं. वे अपने बच्चों को मीडिया से दूर रखते हैं और परिवार की निजता को बहुत महत्व देते हैं. मशरफे और सुमोना या उनके परिवार की इंटरनेट पर बहुत गिनी चुनी फोटोज हैं, जिससे पता चलता है कि इस जोड़ी को सोशल मीडिया से दूरी बनाना पसंद है. क्रिकेट के अलावा मशरफे समाज सेवा और जनकल्याण के कामों में भी सक्रिय हैं. इन सभी कामों में सुमोना हक सुमी हमेशा उनके साथ खड़ी रही हैं. मशरफे बिन मुर्तज़ा, जिन्हें ‘नराइल एक्सप्रेस’ के नाम से भी जाना जाता है, न केवल एक दिग्गज क्रिकेटर हैं, बल्कि बांग्लादेश की राजनीति में भी सक्रिय रहे. वह 2019 से 2024 तक नरैल-2 निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले एक पूर्व जातीय संघ सदस्य रहे.
ऐसा रहा क्रिकेट करियर
5 अक्टूबर 1983 को जन्मे मशरफे मुर्तजा ने अपनी तेज गेंदबाजी से बल्लेबाजों को परेशान किया. 2001 में टेस्ट क्रिकेट से उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा. इसके बाद उन्हें वनडे टीम में जगह मिल है. हालांकि, टी20 टीम में आने के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा. 2006 में मशरफे का टी20 इंटरनेशनल डेब्यू हुआ. मुर्तजा ने 36 टेस्ट मैच खेले, जिनमें 78 विकेट चटकाए. सबसे ज्यादा मुकाबले उन्होंने वनडे फॉर्मेट में खेले. 220 वनडे मैच में मुर्तजा ने 270 बल्लेबाजों को आउट किया. वहीं, 54 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 42 विकेट भी चटकाए. उन्होंने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच 2020 में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला था.
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नवंबर 2025 से नेटवर्क 18 ग्रुप में सब एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में 3 साल का अनुभव. जी न्यूज से खेल पत्रकारिता में डेब्यू किया. क्रिकेट के साथ-साथ हॉकी और बैडमिंटन के बारे में भी लिखने में दिलचस्पी. मा…और पढ़ें
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